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बात तो सोचने वाली तो आइये मोयला समाज के बारे में विचार करें

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एक बार कुत्ते और गधे में शर्त लगी कि जो दौड़ कर पहले पहुचेगा वो सत्ता के सिंहासन पर बैठकर राज़ करेगा.... दौड़ शुरु हुई.... कुत्ता खुश था.... उसने सोचा वो तो तेज़ दोडता है.... गधे को तो यूँ ही हरा देगा.... पर उसे क्या मालूम था की हर एक मुहल्ले चौक पर बहुत से कुत्ते हैं और वो उसे आगे जाने ही नही देगे.... हुआ भी ऐसा ही..... हर चौक पर स्थानीय कुत्तों ने उस पर जानलेवा हमला किया.... वो बहुत से कुत्तों से लड़ता हुआ जैसे तैसे पहुंच गया.... लेकिन वहाँ जाकर देखा कि गधा सत्ता के सिंहासन पर बैठकर राज कर रहा है..... हताश घायल कुत्ता बोला.... काश मेरी ही बिरादरी वाले मुझसे लड़े न होते तो..? ये गधा इस सिंहासन तक कभी नही पहुंच पाता.... जरा सोचिए गलती कहाँ हो रही है. उदाहरण जानवरों का जरूर हैं पर बात तो इंसानों के लिये सोचने वाली हैं !! तो आइये समाज को एकजुट करे व आधुनिक प्रतिस्पर्धा युग में मोयला समाज को गौरवशाली,वैभवशाली व उन्नतीशील बनाने में अपना अमुल्य योगदान देवें तथा प्रत्येक व्यक्ति की हौसला अफजाई करें जिससे वो समाज का नाम रोशन कर सकें। मेरा समाज मेरा गौरव के तहत आपके य...

यदि आपकी समाज शिक्षित होगी तो आप कोई भी बदलाव क्षण भर में कर सकते है। अन्यथा ?..

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 शिक्षा समाज के व्यक्तियों को इस योग्य बनाती है कि वह समाज में व्याप्त समस्याओं, कुरीतियों गलत परम्पराओं के प्रति सचेत होकर उसकी आलोचना करते है, और धीरे-धीरे समाज में परिवर्तन हेाता जाता है। शिक्षा समाज के प्रति लेागों को जागरूक बनाते हुये उसमें प्रगति का आधार बनाती है। जैसे शिक्षा पूर्व में वर्ग विशेष का अधिकार थी जिससे कि समाज का रूप व स्तर अलग तरीके का या अत्यधिक धार्मिक कट्टरता, रूढिवादिता एवं भेदभाव या कालान्तर में शिक्षा समाज के सभी वर्गों के लिये अनिवार्य बनी जिससे कि स्वतंत्रता के पश्चात् सामाजिक प्रगति एवं सुधार स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है। डयूवी ने लिखा है कि- शिक्षा में अनिश्चितता और अल्पतम साधनों द्वारा सामाजिक और संस्थागत उद्देश्यों के साथ-साथ, समाज के कल्याण, प्रगति और सुधार में रूचि का दूषित होना पाया जाता है। . शिक्षा और सामाजिक नियंत्रण - शिक्षा समाज का स्वरूप बदलकर उस पर नियंत्रण भी करती है अभिप्राय यह है कि व्यक्ति का दृष्टिकोण एवं उसके क्रियाकलाप समाज को गतिशील रखते हैं। शिक्षा व्यक्ति के दृष्टिकोण में परिवर्तन कर उसके क्रियाकलापों में परिवर्तन कर समूह मन का...

आओ सामुहिक विवाह का आगाज करे,समाज को मजबुत बनायैं।

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l। ।🙏🙏अपील सामूहिक विवाह को बढ़ावा 🙏🙏🙏🙏 ॥ ॥  एक उदास सेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कराहट आ जाये , और अगर उसकी वजह तुम हो तो समझ लेना इस दुनियां का सबसे धनवान इंसान आप ही हो , आप ही हो । आप ही हो ॥ ॥ साहब मैं  तो कहना  चाहूंगा की अपनी समाज में हर जरूरतमंदों की मदद की जाये , क्योंकि अगर आप  समाज कें जरूरतमंदों कें जीवन में खुशियां बातोन्गे,  तो वहीं खुशियां आपके जीवन में multiply होकर आयेगी । जनाब कुदरत इतनी मेहरबान हैं हम पर,  की जब हम किसी को कुछ देते हैं तो उससे कहीं गुना बढ़कर वापिस आता हैं । साहब कल  मैं दावतें इस्लाम की एक किताब पढ़ रहा था , तो उसमें बहुत ही acchi बात  लिखी  थी  , की इस दुनियां में कोई भी भाई दुखी हैं तो आप लम्बे समय तक खुश नहीं रह सकते , अगर आप औरों की जिंदगी में खुशिया बातोन्गे तो तुम्हारे जीवन में अपने आप खुशियां आयेगी ।। सर - जो आप काम करते हो समाज कें लिये ,और आपको पता हैं   ये दुनियां गोल हैं जो काम किया हैं उसका फल जरूर मिलता हैं । साहब आपका intension कितना भी बढ़िया क्यों ना हो ,ये दुनियां स...

समाज कें भाइयों तालीम की और बढ़ो

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✍✍✍समाज कें भाइयों तालीम की और बढ़ो 🙏🙏🙏 समाज का  कोई भी छात्र -छात्रा आर्थिक तंगी की वजह से अगर स्कूल जाना बंद कर रहे हैं ,तो हमारे समाज कें लिये बहुत ही दुखद और अफ़सोस की बात हैं । क्योंकि किसी भी कौम का तालीम कें बिना विकास नहीं होगा । कहा जाता हैं की तालीम कें लिये अगर चीन(मक्का मदीना से चीन बहुत दूर था और वहा से आवागमन कें साधनों का उस जमाने में बहुत अभाव था ) जाना पड़े तो भी जाये लेकिन तालीम हासिल करो । मेरे अखिल भारतीय़ मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट से जुड़े अज़ीज़ मित्रों , साथियों , गिनायतो , और बुजुर्गो हमको मालूम हैं की इस दुनियां से हमें मुकाबला करना हैं , इस जमाने से अगर मुकाबला करना हैं तो हमें तालीम हासिल करनी पड़ेगी । तालीम कें बिना हम छोटे छोटे काम कर सकते हैं लेकिन बड़े काम नहीं कर सकते हैं । एक जमाना था जब हम बहुत ही परचम पर थे , दुनियां मुसलमान का अदब करती थी , 1100साल तक हिंदुस्तान में राज करने वाली कौम का ये हाल जो हुआ हैं वो तालीम की कमी की वजह से हुआ हैं । साहब आज अगर हमारी मोयला समाज को आगे ले जाना हैं तो हमें हर ज़रूरतमंद की मदद करनी पड़ेगी ।हर समाज कें भाई...

ट्रस्ट का टोल फ्री नं. जारी,यह है टोल फ्री नं.☎ 87997-15961

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                   ✍✍ सूचना ✍✍ आपको अत्यन्त हर्ष से सुचित किया जाता है कि abmsss trust का आज  से टोल फ्री नं.  शुरू कर दिया गया ।यह टोल फ्री नं.ट्रस्ट से जुडी हुई आपको प्रत्येक जानकारी प्रदान की जायेगी।आपकी हर शंका को दुर करने का प्रयास किया जायेगा। यह है टोल फ्री नं  87997-15961 📞📞आज से समाज का toll फ्री नम्बर शुरू हो गया हैं (29/08/18) हाल toll फ्री नम्बर ☎  87997-15961 ये सर्विस सुबह 8बजे से लेकर रात को 11बजे तक चालू रहेगी । 📞📞आप इस नम्बर पर मिसकाल या फोन कर सकते हैं ' मिसकाल करने पर आपको तुरंत फोन किया जायेगा । 📞📞ये call record होगा या call को रिकॉर्ड किया जायेगा । 📞📞इस call कें माध्यम से  आपको समाज कें किसी भी भाई का सम्पर्क नम्बर देने की कोशिश की जायेगी  । जिससे आपकी शंका या शिकायत का समाधान हो सकें। 📞📞इस call कें द्वारा आपका कभी भी  परिचय ( नाम , पिताजी का नाम गांव का नाम फोटो  )पूछा जायेगा , अगर आपने परिचय सही नहीं दिया तो आपको WhatsApp  ग्रूप से हटा दिया जायेगा...

कद्र"* करनी है तो *"जीते जी"* करें *"मरने"* के बाद तो *"पराए"* भी रो देते हैं

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मानव जीवन का उद्देश्य है कि अपने मन, वचन और काया से औरों की मदद करना। हमेशा यह देखा गया है कि जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, उन्हें कम तनाव रहता है,  मानसिक शांति और आनंद का अनुभव होता है। वे अपनी आत्मा से ज़्यादा जुड़े हुए महसूस करते हैं, और उनका जीवन संतोषपूर्ण होता है। जबकि स्पर्धा से खुद को और दूसरों को तनाव रहता है। इसके पीछे गुह्य विज्ञान यह है कि जब कोई अपना मन, वचन और काया को दूसरों की सेवा के लिए उपयोग करता है, तब उसे सबकुछ मिल जाता है। उसे सांसारिक सुख-सुविधा की कमी कभी नहीं होती। धर्म की शुरूआत ओब्लाइजिंग नेचर से होती है। जब आप दूसरों के लिए कुछ करते हैं, उसी पल खुशी की शुरुआत हो जाती हैं। मानव जीवन का उद्देश्य जन्मों-जन्म के कर्म बंधन को तोड़ना और संपूर्ण मुक्ति को प्राप्त करना है। इसका उद्देश्य केवळज्ञान प्राप्त करने के लिए पहले आत्मज्ञान की प्राप्ति करना आवश्यक है। और यदि किसीको आत्मज्ञान प्राप्त करने का अवसर नहीं मिलता तो उसे परोपकार में जीवन व्यतीत करना चाहिए। Nice line     *"कद्र"* करनी है तो *"जीते जी"* करें *"मरने"* के...

मोयला समाज की नई पहल,जरूरतमन्दों के लिए शुरू की पेंशन योजना

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*समाज बना सहारा,ट्रस्ट की ओर से पेंशन शूरु* *भीनमाल-निकटवर्ती गांव तवाव में अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट (रजि.) की ओर से एक विशेष आवश्यक्ता वाले  परिवार में  मुमो बानो व फकीर खान (माँ-बेटे) दोनों को हर महीने 1000-1000 यानी दो हजार दिये जायेंगे जो । समाज के ट्रस्ट से सीधे जरूरतमंद के खाते में जमा होंगे ।आज पेशन की पहली किश्त का चेक वितरित किया।इस अवसर पर नसीर खाजी मुंगड़ा,  तालिब खान* *खेतलावास(दिल्ली),हमीर खांजी(ग्राम विकास अधिकारी),शकूर खांजी (हाल दिल्ली),सदीक खान,मोहम्मद हनीफ़ तवाव,अपसार खान,दीने खान भी उपस्थित थे।* ‬: *मोयला समाज की नई पहल,जरूरतमन्दों के लिए शुरू की पेंशन योजना* *रामसीन-निकटवर्ती गांव मांडोली में अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट (रजि.) की ओर से एक विशेष आवश्यक्ता वाले  परिवार में  बरकत खान व सुगरा बानू(पति-पत्नी) दोनों को हर महीने 1000-1000 यानी दो हजार दिये जायेंगे जो समाज के ट्रस्ट से सीधे जरूरतमंद के खाते में जमा होंगे ।आज पेशन की पहली किश्त का चेक वितरित किया।इस अवसर पर नसीर खाजी मुंगड़ा,  तालिब खान* *खेतलावा...

एक बनें,नेक बनें,abmsss के सदस्य बनें। "मेरा समाज,मेरा गौरव" के तहत समाज के प्रत्येक व्यक्ति के दु:ख में भागीदार बनें। "मोयला" समाज के प्रत्येक व्यक्ति काे बुलन्दियों छुनें में अपना अमुल्य सहयोग प्रदान करें। "जकात" abmsss में देवें। जिससे अपनों का भला हो सकें।

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*भारत में तेजी से आर्थिक और राजनीतिक बदलाव हो रहे हैं। जब आर्थिक और राजनीतिक बदलाव होते हैं तो उसका सीधा असर समाज पर पड़ता है और ऐसे में सामाजिक संरचनाएं टूटती हैं। संरचनाओं के टूटने का असर लोगों की मानसिकता पर गहरा पड़ता है। तय है इससे हर उम्र और हर तबके के लोगों पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन क्या जो सामाजिक बदलाव हो रहा, वो सही है? जिन हालात में हम रह रहे हैं क्या उससे हम संतुष्ट हैं? क्या समाज के हर तबके तक वो सारी चीज़े पहुंच रही हैं जिसकी उन्हें उम्मीद है? इन सारे सवालों से जूझना ज़रूरी है और गंभीरता से सोचना ज़रूरी  है।   *abmss*ने अपनी ‘गूंज’ उन लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जो समाज को लेकर चिंतत हैं, समाज की बेहतरी के लिए प्रयासरत हैं, जो समाज में कुछ अच्छा कर रहे, सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं। *abmss* का मानना है कि “समाज के बदलने से पहले खुद को बदलना ज़रूरी है, दुनिया को बदलने से पहले खुद को ठीक करना ज़रूरी है। यह बिलकुल ऐसा ही है कि हमें जब ट्रैफिक पुलिस वाला पकड़ता है और चालान करने करने लगता है तो हम सौ रुपए देकर अपनी जान छुड़ाते ह...

अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट की नई पहल समाज के जरूरतमंदों के लिये पेंशन शुरू

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‬: अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट की नई पहल सोशियल मिडिया के जरीये लगातार दो साल से मदद  करने का बीडा मोयला समाज ने उठाया है। अखिल भारतीय  मोयला समाज के नाम से ट्रस्ट के नाम से  सस्था   बन गई ।जो समाजहित में प्रशंसनीय कार्य कर रही है। जालोर सिरोही .पाली .बाडमेर व गुजरात  समेत अनेक जिलों के मोयला समाज के  लोग जुडे हुये है ।आइयें एक नजर डालते है कि आज के दिन समाजहित में abmsss नें क्या प्रशंसनीय कार्य किया है। इस दुनिया में अपने लिए तो हर कोई इंसान जीता है, लेकिन जो जरूरतमंदों और समाज के पिछड़े लोगों के लिए कुछ कर गुजरने का जोश व जनून रखता है वो ही समाज का सच्चा हमदर्द कहलाता है। इस बात को साबित कर दिखाया है अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट व सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्यों ने। ट्रस्ट के सदस्यों ने सोशल मीडिया से जानकारी मिलने के बाद एक ऐसे परिवार की चौखट पर पहुंचकर आर्थिक इमदाद दी, जिनका बुढ़ापे का सहारा और इकलौते बेटे का कुछ ही दिनों पहले इंतकाल हो गया था। समाज के जरूरतमंदों के लिये पेंशन शुरू अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस...

अगली बार कोई आपको अपनी समस्या बतायेे और आप को लगे कि ये मेरी समस्या नहीं है, तो रुकिए और दुबारा सोचिये।(abmsss)

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एक *चूहा* एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था। एक दिन *चूहे* ने देखा कि उस कसाई और उसकी पत्नी एक थैले से कुछ निकाल रहे हैं। चूहे ने सोचा कि शायद कुछ खाने का सामान है। उत्सुकतावश देखने पर उसने पाया कि वो एक *चूहेदानी* थी। ख़तरा भाँपने पर उस ने पिछवाड़े में जा कर *कबूतर* को यह बात बताई कि घर में चूहेदानी आ गयी है। कबूतर ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि मुझे क्या? मुझे कौनसा उस में फँसना है? निराश चूहा ये बात *मुर्गे* को बताने गया। मुर्गे ने खिल्ली उड़ाते हुए कहा… जा भाई.. ये मेरी समस्या नहीं है। हताश चूहे ने बाड़े में जा कर *बकरे* को ये बात बताई… और बकरा हँसते हँसते लोटपोट होने लगा। उसी रात चूहेदानी में खटाक की आवाज़ हुई, जिस में एक ज़हरीला *साँप* फँस गया था। अँधेरे में उसकी पूँछ को चूहा समझ कर उस कसाई की पत्नी ने उसे निकाला और साँप ने उसे डस लिया। तबीयत बिगड़ने पर उस व्यक्ति ने हकीम को बुलवाया। हकीम ने उसे *कबूतर* का सूप पिलाने की सलाह दी। कबूतर अब पतीले में उबल रहा था। खबर सुनकर उस कसाई के कई रिश्तेदार मिलने आ पहुँचे जिनके भोजन प्रबंध हेतु अगले दिन उसी *मुर्गे* को क...

Abmsss ने रचा नया इतिहास दी 51,000 की ईमदाद

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अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट द्वारा एेतिहासिक कार्य अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति से जुड़े सभी भाइयों , गिनातो , और मेरे अज़ीज़ साथियों का तहेदिल से बहुत  बहुत शुक्रिया । ख़ास करके वो भाई जो समाज की शान , युवा आएकॉन है   जो लगातार तीन सालों से समाज के हर मजबूर तबक़े की मदद कर रहे है , चाहे वो आंध्रा से जुड़े व्यापारी वर्ग हो , या बॉम्बे से हो , चाहे वो कर्नाटक से जुड़े हो या तेलंगाना से , चाहे वो राजस्थान से जुड़े हो या किसी और राज्य से उन सभी भाइयों का दिल की गहराईयों से बहुत बहुत शुक्रिया नोट:- आप भी ट्रस्ट के इस पुण्य कार्य में जकात के रूप में ईमदाद राशि में सहयोग  देकर सवाबे दारैन हासिल कर सकते है तथा अपने पैसो का उचित उपयोग भी कर सकते है ।तो देर किस बात की जनाब आज ही ट्रस्ट से जुड़िये और नेक काम मे हिस्सा लें।  अखिल भारतीय मोयला समाज सेवा समिति ट्रस्ट ने पाली जिले के जेतारण तहसील में किसी जरूरतमंद भाई के हाथ का बड़ा ऑपेरशन करवाने के लिये समाज की तरफ से 51000रुपये इलाज के लिये दिये , आज या कल में वो अपना ऑपरेशन करवाने जायेगा , लम्बे समय से ...

एजुकेशन_फॉर मोयला समाज हम लोग कब होश में आयेंगे ?कब आयेंगे

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 एजुकेशन_फॉर मोयला समाज *समाज   के  कमजोर होने की सज़ा* पहले तालीम से *तुम मोड़ दिए जाओगे* फिर किसी *जुर्म से जोड़* दिए जाओगे. हाथ से *हाथ की जंजीर बना कर निकलो* वर्ना *धागे की तरह तोड़* दिए जाओगे         *हम लोग कब होश में आयेंगे ?                     * कब आयेंगे ???* *‘अल्लाह किसी कौम की हालत को उस वक्त*      *तक नहीं बदलता जब तक कि वह कौम खुद* *अपनी हालत को न बदले।’ (अल राद-11)*  || सिर्फ *दुआ के भरोसे* मत बेठो दुआ के साथ *"""दवा """भी करो....* वरना *अगला नम्बर हम का है* ........... *हमारा  क्या है.............. ??* *पुलिस* *वक़ील*  *जज*  *डॉक्टर..........* *मीडिया समूह*???* *कोई भी नहीं।।* *न्याय प्रक्रिया में तेजी समाज के लोगों  के वकील और जज बनने से ही आ सकती है |* *I लोगों को आतंकवादी बता कर झूटी मुठभेड़ों में मारा जाता है* *और यह तब ही रुक सकता* *जब आप पढ़ लिख कर खुद पुलिस और सेना में जाओ* | *याद रखो हम  लो...